
राधा-कृष्ण प्रेम कथा
melodic, traditional, acoustic, folk, folk metal, violin

राधा-कृष्ण प्रेम कथा
melodic, traditional, acoustic, folk, folk metal, violin
Lyrics
Verse
चाँदनी रात में बजी बाँसुरी
यमुना के किनारे सजी मूरत प्यारी
राधा के संग कृष्ण खेलेंगे
प्रीत की रासलीला रचेंगे।
Verse 2
रास रंग में डूबी बनसी
प्रियतम की बाँहों में बँधी राधा
लहराती गलियां
हरियाली छाई
प्रेम की धारा यमुना से बहाई।
Chorus
गोपी के ह्रदय में बसी जो तस्वीर
श्रीकृष्ण की वह अदा है गंभीर
राधा के दिल में बस गया जो नाम
राधेश्याम की महिमा है अविराम।
Verse 3
बृज की गलियों में गूँजे साज
राधा-कृष्ण की छेड़े राग
मनमोहन के संग नाचे नगरिया
चली प्रेम की ऐतिहासिक गाथा।
Bridge
जग सारा भूले जब वे मिले
तारों के नीचे जब संग चले
मन का मंदिर बना उनका बसेरा
राधा-कृष्ण प्रेम ने है जग छोड़ा।
Chorus
सुन लो सब
ये है प्रेम कथा
राधा-Krishna का मिलन है अविरल सत्य
सपनों से भी सुंदर उनका प्यार
प्रेम की धारा है अटूट
अक्षय और अपार।
