"Tere Ishq Ka Meharbaan"

Lyrics
,तेरे इश्क़ का मेहरबान हूँ,
दिल के संगीत का अरमान हूँ,
तेरी यादों की रौशनी में,
मैं एक भटकता परवाना हूँ।
तू है सावन की पहली बूँद,
मैं रेत पे लिखा एक गीत,
तू है छोड़ आए सपनों की महफ़िल,
मैं एक भूल चुकी कहानी की प्रीत।
(संगीत - Music)
तेरी आहट जैसे शबनम की बूँदें,
तेरी साँसें जैसे संतूर की धुन,
तेरा सपना एक नरगिस की सुगंध,
जो महकाए मन का आँगन।
तू हो साथ तो आँधियाँ भी न आएँ,
तेरे बिना भी सूरज ढल जाए,
तेरी बातें एक मशरूफ़ किताब सी,
हर सफ़ा बस तुझको ही बयां करे।
(कोरस - Chorus)
तेरी बातों की राहत मिले जो,
हर शब एक महफ़िल लगे,
तू जो पास हो तो लगता है,
जैसे चाँदनी भी शर्मा के जले।
(अंतरा - Verse)
तेरी छाया एक महरूमी का गीत,
मेरी उलझन एक दस्तावेज़ सी,
तेरे बिना जो ज़िंदगी लिखी है,
वो बस एक अधूरी तहरीर सी।
जो ख़त लिखा था चाँदनी रात में,
अब तक हवाओं में भटक रहा,
तेरी यादों की बातें अब भी,
दिल के दरवाज़ों पे दस्तक रहा।
