
ऐसी
Gazal-Jazz

ऐसी
Gazal-Jazz
Lyrics
ऐसी हवा चली कुछ कह गई
दिल की बात जैसे सुन गई
चुपके से छू गई वो रेत
ख्वाबों में लिख गई कोई रेख
ऐसी बात कहूँ जो सुने चाँद तारे
हवा में उड़े दिल के सारे इशारे
ख्वाबों में जो जले वो आग सजीली
ऐसी हूँ मैं
हाँ
थोड़ी सी नशीली
ऐसी हूँ मैं
जो दिलों को छू जाए
ऐसी हूँ मैं
जो रातों को जगाए
ऐसी हूँ मैं
जो सपनों को सजा दूँ
ऐसी हूँ मैं
जो गीतों में बसा दूँ
आसमान से नीचे गिरें ये सितारे
हर लम्हा कहे मुझे जी ले हमारे
रंगों में बहके ये दुनिया की बातें
ऐसी हूँ मैं
जो बदल दूँ सौगाते
सूरज को छू लूँ मैं हाथों से यूँ
हर परछाई को रोशन कर दूँ
बूँदों की तरह मैं बरस जाऊँ
ऐसी हूँ मैं
बस बहक जाऊँ
जहाँ से चले वहाँ निशान छोड़ दूँ
हर राह को अपनी पहचान जोड़ दूँ
चमकती रहूँ मैं हर पल हर घड़ी
ऐसी हूँ मैं
हाँ
ऐसी हूँ मैं बड़ी
ऐसी बात जो दिल को छू जाए
ऐसी रात जो सपनों को जगाए
ऐसी खुशबू जो साथ रह जाए
ऐसी दुनिया जहां दिल मुस्कुराए
सूरज के संग ये बादल नाचे
चमके सितारे जैसे जादू माचे
कहानी सी लिख रही है ये रात
जादू भरा है हर इक बात
खामोश लम्हें भी गुनगुनाने लगे
टूटे तारे भी मुझसे कुछ कहने लगे
आसमान ने भी अपना रंग बदला
जैसे दिल में कोई नया सपना
