हमरी नगरिया में आवो तुम-Hindi Song by Bakul Valambhiya

  • The song opens with a tanpura drone
  • guiding a graceful
  • airy female voice through a free-flowing alaap adorned by gentle meend and komal ni flourishes. Light tabla in Dadra Taal and occasional harmonium strokes enter subtly
  • framing lilting
हमरी नगरिया में आवो तुम-Hindi Song by Bakul Valambhiya

Lyrics

हा… हा… हा… हा… हा…

हमरी नगरिया में आवो तुम, ना करो बेदरदी

हा… हा… हा… हा… हा…

हमरी नगरिया में आवो तुम, ना करो बेदरदी

बहुत दिन बीते, बीती रतिया…

हा… हा…

बहुत दिन बीते, बीती रतिया…

बिन तेरे दर्शन मेरी आँख नहीं भरती

बिन तेरे दर्शन मेरी आँख नहीं भरती

हमरी नगरिया में आवो तुम, ना करो बेदरदी

हा… हा… हा… हा… हा…

अब तक हूँ मैं कुँवारी तोरे कारण…

हा… हा… हा…

अब तक हूँ मैं कुँवारी तोरे कारण।

अरे ओ अनाड़ी, मोहे ब्याह के तू लै जा

अरे ओ अनाड़ी, मोहे ब्याह के तू लै जा

राह तोरी देख सारी रैन गुज़ारी, अब हो गई भोर, ओ बेदरदी

राह तोरी देख सारी रैन गुज़ारी, अब हो गई भोर, ओ बेदरदी

किसे करूँ मैं फ़रियाद, तोरी अनाड़ी!

हाय…

किसे करूँ मैं फ़रियाद, तोरी अनाड़ी…

अब हुई बावरी मैं अपने पिया की,

अब हुई बावरी मैं अपने पिया की.

हमरी नगरिया में आवो तुम, ना करो बेदरदी

हा… हा… हा… हा… हा…

मैं वारी जाऊँ तोरे मुखड़े पे, अनाड़ी,

मैं वारी जाऊँ तोरे मुखड़े पे, अनाड़ी...

अब मेरी अँखियाँ धीरज नहीं धरती

अब मेरी अँखियाँ धीरज नहीं धरती…

हा… हा… हा… हा… हा…